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APPEAL FOR HELP सत्तोलॉजी अमेरिका का मार्गदर्शन और शहीद भगतसिंह यूथ फॉउंडेशन एंड सोसाइटी

          APPEAL – APPEAL – APPEAL

Shaheed Bhagat Singh Youth Society and Foundation is a social and patriotic social institution. In the era of this corona epidemic, the foundation is providing food, medicines, food items, and private vehicles like ambulance to the society. Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation and Society appeals to all of you nationalists and urge you to help and support us in this Corona period, so that we and you can play your role in uplifting the society and the country due to the calamity in the society and the nation. I urge you to be able to make yourself fortunate. The Foundation family will always be grateful to you for your support.

शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन एंड सोसाइटी बुढ़ार ,सत्तोलॉजी अमेरिका के साथ मिलकर और श्री आदित्य सत्संगी जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा के फलस्वरूप फाउंडेशन के द्वारा इस कोरोना काल मे निःशुल्क भोजन वितरण हेतु सीता रसोई का संचालन हो रहा है जिसके माध्यम से प्रतिदिन 678 लोगों को भोजन दिया जा रहा है।

फाउंडेशन के द्वारा निःशुल्क फिजिकल ट्रेनिंग का भी संचालन किया जा रहा है जिसके माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस, सबइंस्पेक्टर,भारतीय सेना,बीएसएफ, आरपीएफ,वायु सेना,आरीबीटी,बीएसएफ जैसी वर्दीधारी भर्तियों का निःशुल्क फिजिकल ट्रेनिंग देकर राष्ट्र भक्ति से ओत प्रोत की शिक्षा दी जाती है और स्ववालम्बी बनाया जाता है,साथ ही फिजिकल फिटनेस के लिएयोग,व्यायाम,प्राणायाम,सूर्यनमस्कार और कल्लरीपटू की भी ट्रेनिग दी जाती है।

In collaboration with Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation and Society Budhar, Sattology America and as a result of the guidance and inspiration of Shri Aditya Satsangi, the Foundation is running Sita Kitchen for free food distribution in this corona period through which food is served to 678 people daily. being given.

Free physical training is also being conducted by the Foundation, through which free physical training of uniformed recruits like Madhya Pradesh Police, Sub Inspector, Indian Army, BSF, RPF, Air Force, Aribiti, BSF and imparted education with patriotism She goes and makes Swavalambi, as well as training for physical fitness, yoga, exercise, pranayama, Suryanamaskar and Kallaripattu are also given.

 

वहीं कोरोना काल मे सत्तोलॉजी और फाउंडेशन की टीम के द्वारा निःशुल्क चिकित्सकीय वाहन भी चलाया जा रहा है यह कार्य भी हमारे सत्तोलोजिस्ट द्वारा ही स्वयं वाहन चलाकर मरीजो को मेडिकल कालेज और हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है।

 

हमारे सत्तोलॉजी टीम की ही सत्तोलोजिस्ट सुश्री शैलजा तिवारी द्वारा 19000 फिट के मनाली के पिंजो पर्वत की फ्रेंडशिप पीक को विजयी कर सत्तोलॉजी का परचम लहराया और 19000 फिट पर सत्तोलॉजी और श्रीमद्भगवद्गीता का प्रचार भी किया।

 

शहीद भगतसिंह यूथ सोसाइटी एन्ड फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष शहीदों की याद में ” एक शाम शहीदों के नाम” का कार्यक्रम किया जाता है और इस कार्यक्रम में भारत माता को स्वतंत्र कराने हेतु अपने प्राणों को न्यौछाबर करने वाले शहीदों की याद में होता है,जिसमें शहीद भगतसिंह, आजाद,नेता जी बोष,सुखदेव,राजगुरु,तात्या टोपे,मंगल पांडेय जी के परिवार आते हैं और युवाओ को राष्ट्रहित की प्रेरणा मिलती है।

At the same time, free medical vehicle is also being run by the team of Scientology and Foundation in the Corona period, this work is also being driven by our Scientologist himself and the patients are being taken to Medical College and Hospital.

Ms. Shailaja Tiwari, the Scientologist of our Scientology team, won the fame of Sattology by winning the Friendship Peak of Pinjo mountain, Manali in 19000 Fit and also promoted Sattology and Srimadbhagavadgita on 19000 Fit.

The Shaheed Bhagat Singh Youth Society and Foundation conducts “One evening in the name of the martyrs” in memory of the martyrs every year, and the event commemorates the martyrs who sacrificed their lives to liberate Mother India, in which Shaheed Bhagat Singh , Azad, Netaji Bosh, Sukhdev, Rajguru, Tatya Tope, Mangal Pandey ji’s family come and the youth get inspiration of national interes.

 

 

         हमारे सत्तोलाजी और फाउंडेशन की टीम द्वारा किये गए समाजकार्य का विवरण नीचे उपलब्ध है।

Details of social work done by our Sattology and Foundation team are available below.

 

शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन द्वारा युवाओ को स्वावलम्बी बनाने हेतु शहीद भगतसिंह निःशुल्क फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर का संचालन- विगत कई वर्षो निःशुल्क ट्रेनिंग दे रहा है।

The Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation has been running the Shaheed Bhagat Singh Free Physical Training Center to make youth self-reliant – free training has been imparted for the last several years.

 

 


 

मध्यप्रदेश की,समाजिक, स्वयंसेवी संस्था शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन एंड सोसाइटी बुढ़ार द्वारा संचालित निःशुल्क शहीद भगतसिंह फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर, बुढ़ार में प्रशिक्षण ले रहे सभी ट्रेंनीज का फिजिकल क्वालीफाई कराने के बाद पुनःअपनी कड़ी ट्रेनिगं के लिए बच्चों का आकर्षण का केंद्र बन रहा है,राष्ट्र और देशभक्ति से ओत प्रोत यह संस्था युवाओँ को पुलिस,सब इनसपेक्टर,भारतीय सेना,सीआईएसएफ, बीएसएफ के फिजिकल टेस्ट की तैयारी निःशुल्क कर रही है|

The free Shaheed Bhagat Singh Physical Training Center, run by Madhya Pradesh’s social, voluntary organization Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation and Society Budhar, is becoming a center of attraction for children for their hard training after physical qualification of all the trainees undergoing training in Budhar, This institution, which is full of nation and patriotism, is preparing the youth for the physical test of Police, Sub-Inspector, Indian Army, CISF, BSF for free.

 

 

 

इसके पूर्व भी फाउंडेशन द्वारा लगातार भारी मात्रा में 72 से ज्यादा सबइंसेक्टर,सूबेदार,आर्मी, सीएसएफ में चयन हो चुके हैं, जो कि विभिन्न पदों पर चयनित होकर नगर का नाम रोशन कर रहे हैं।

Prior to this, more than 72 subcontractors, Subedars, Army, CSF have been selected by the Foundation in continuous heavy amounts, who have been selected in various positions and are illuminating the name of the city.

 

 

इसके पूर्व इस फाउंडेशन से सब इंस्पेक्टर, सूबेदार,आर्मी ,सी आई एस एफ में लगातार चयन दिए हैं। आपको बताने में हमे बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि हमारे धनपुरी,बुढ़ार का नाम भी पूरे मध्यप्रदेश में अपनी साख बना रहा है,और इस फिजिकल ट्रेनिंग में उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, हरियाणा,पुरी,शहडोल,अमलाई,चचाई,अनूपपुर,कटनी,छत्तीसगढ़, विदिशा ,भोपाल,दिल्ली,इंदौर ,राजस्थान से ट्रेनिंग लेने आते हैं।

Prior to this, continuous selections have been given from this foundation to Sub Inspector, Subedar, Army, CISF. We are very happy to tell you that the name of our Dhanpuri, Budhar is also making its reputation all over Madhya Pradesh, and in this physical training Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana, Puri, Shahdol, Amalai, Chachai, Anuppur, Katni, Chhattisgarh , Vidisha, come to take training from Bhopal, Delhi, Indore, Rajasthan.

 

 

 

यह ट्रेनिंग सेंटर पूर्णतः नि:शुल्क संचालित किया जा रहा था, और विगत 5 वर्षों से यह पुलिस में लगातार मध्यप्रदेश में सबसे उच्चतम परिणाम दे रहा है। जहां प्रशिक्षण के नाम पर संचालित ट्रेनिंग सेंटर लाखों रुपये वसूलता है वहीं बुढ़ार जिला शहडोल का शहीद भगतसिंह फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर देशहित हेतु ईमानदार और जाबांज युवा तैयार के देशसेवा में अपनी निःशुल्क सेवाएं देकर अपने नगर और जिले का नाम रोशन कर रहा है,और आगे भी ऐसी ही अपना कार्य करते रहेगा,और किसी भी नगर से इतनी मात्रा में अंतिम चयन हमारे मार्गदर्शक श्री आदित्य सत्संगी द्वारा भी आत्मीय शुभकामनाये दी गयी।

This training center was being operated completely free of cost, and for the last 5 years it has been consistently giving the highest results in the police in Madhya Pradesh. While the training center operated in the name of training charges millions of rupees, the Shaheed Bhagat Singh Physical Training Center of Budhar district Shahdol is illuminating the name of its city and district by offering its free services in the service of honest and brave youth ready for the benefit of the nation, and so on. We will continue to do our work in this way, and our guide Shri Aditya Satsangi has given the best wishes for the final selection in such a quantity from any city.

 

सत्तोलॉजी और शहीद भगतसिंह यूथ सोसाइटी एंड फाउंडेशन के द्वारा संचालित निःशुल्क ट्रेनिंग सेंटर के पास स्वयम का न तो ग्राउंड है और न ही कोई सामग्री है,फिर भी प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करकर इस ट्रेनिंग सेंटर मे युवाओ को ट्रेनिंग देते हैं। फाउंडेशन के ही डॉ. पंकज शर्मा द्वारा अपने वेतन का लगभग 60 प्रतिशत भाग इन ट्रेनीज पर लगाते हैं और मध्यप्रदेश में सबसे उच्चतम परिणाम भी देते हैं,जिसे भारत के दैनिक समाचार पत्र नई दुनिया मे मुख्य पेज पर प्रकाशित किया था,इस समर्पण में सत्तोलॉजी 12 सेशन से मिली प्रेरणा का प्रभाव भी रहा है।

The free training center run by Sattology and Shaheed Bhagat Singh Youth Society and Foundation does not have any ground or material of its own, yet training the youth in this training center using natural resources. Dr. Pankaj Sharma of the Foundation invests about 60 percent of his salary on these trainees and also gives the highest results in Madhya Pradesh, which was published on the main page of India’s daily newspaper Nai Duniya, in this dedication in Sattology. The inspiration from the 12 sessions has also been influenced.

 

 

 

कोरोना लॉक डाउन शहीद भगतसिंह यूथ सोसाइटी एंड फाउंडेशन ने चलायी सीता रसोई,लगभग 1 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुँचया पका हुआ भोजन

Corona Lock-down Shaheed Bhagat Singh Youth Society and Foundation runs Sita Kitchen, cooked food to more than 1 lakh people.

 

 

कोरोना महामारी के कारण पूरा देश लॉक डाउन है,ऐसे में प्रतिदिन पेट भरने ,दिहाड़ी मजदूरों,राहगीरों, निराश्रितों के बीच रोजी रोटी का संकट आ गया। इन जरूरत मन्दो का पेट भरने के लिए  भारत के मध्यप्रदेश की सत्तोलॉजी टीम और शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन एंड सोसाइटी की टीम इस संकट काल मे दोनों पहर का पका भोजन देने की ज़िम्मेदारी उठा ली और सुबह से लेकर देर रात तक भोजन बनाकर ,बाटने का कार्य सुचारू रूप से किया।

The entire country is locked down due to the Corona epidemic, in such a situation there was a crisis of daily living, daily laborers, passersby, destitute among the destitute. To fill the stomach of these needy, the team of Sattology team of Madhya Pradesh and Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation and Society of India took up the responsibility of providing cooked food of both the time and the preparation and sharing of food from morning till late night. 

 

 

प्रतिदिन बनता  2 हजार लोगों का भोजन,राहगीरों,मजदूरों, मानसिक रोगियों,हॉस्पिटलों,पुलिस स्टेशनों, और रेलवे स्टेशनों, 983 गरीब परिवारों में जाता है |

The food of 2 thousand people was made every day, goes to passers-by, labours, mental patients, hospitals, police stations, and railway stations and 983 poor families.

 

 

 

 

 

जब कोटा राजस्थान से 27 बच्चे 2 दिन से भूखे थे,राउलकेला जा रहे थे,इन बच्चो को जब मिला फाउंडेशन का साथ,लौटी बच्चो के चेहरे पर मुस्कान|

When 27 children from Kota Rajasthan were hungry for 2 days, going to Raulkela, when these children got the support of the Foundation, the smile on the face of the returned children.

 

 

राउलकेला जाते बच्चे,जिन्हें कराया भोजन

 

 

                              रामायण से प्रभावित होकर फाउंडेशन ने रखा रसोई का नाम ” सीता रसोई”

                     Impressed by the Ramayana, the foundation named the kitchen “Sita Rasoi”

 

 

                                 

 

                                  फाउंडेशन को मिला सत्तोलांजी अमेरिका का साथ,और भरपूर सहयोग

                  Foundation got support from Sattology America, and full cooperation

 

 

 

शहीद भगतसिंह फाउंडेशन एंड सोसाइटी शहीदों के सम्मान के लिए है हमेशा है तत्तपर- प्रतिवर्ष होता है भव्य कार्यक्रम- ” एक शाम शहीदों के नाम “

शहीद भगत सिंह सोसायटी एंड फाउंडेशन की पहचान पूर्व मध्य प्रदेश के साथ-साथ शहडोल संभाग में अलग ही है। फाउंडेशन के द्वारा भारत को स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर क्रांतिकारियों की वीर गाथा के लिए युवाओं को उनकी देश के प्रति आहुति देने की वीरगाथा को प्रस्तुत किया जाता है और राष्ट्रभक्त युवाओं को तैयार कर देश सेवा,समाज सेवा लगाया जाता है।

इसी कढ़ी में फाउंडेशन प्रति वर्ष संभाग के सबसे बड़ा ,हजारों की संख्या का कार्यक्रम – “एक शाम शहीदों के नाम” का आयोजन 23 मार्च को करता आ रहा है।

23 मार्च1931 को याद करके भारत मे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है,क्योकि इसी दिन भारत माता के वीर सपूत शहीद भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु ने भारत माता की स्वतंत्रता हेतु हँसते हँसते अपने प्राणो को न्यौछाबर कर दिया था,और फाँसी के फंदे को चूम लिया था,इन्ही की याद में फाउंडेशन यह राष्ट्र भक्ति से ओत प्रोत कार्यक्रम करता है ताकि नई पीढ़ी के युवाओं को इस बात का एहसास हो सके कि ये आजादी इतनी सस्ती नहीं है इस आजादी के लिए लाखों क्रॉन्तिकारियो ने अपने प्राणों को न्यौछाबर कर दिया था। इस कार्यक्रम में अमेरिकी संस्था सत्तोलॉजी का भी भरपूर सहयोग मिलता है, श्री आदित्य सत्संगी जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन ने इस कार्यक्रम और भी ज्यादा भव्यता प्रदान की है।

 

इस बार यह कार्यक्रम कोरोना महामारी के समय पर हुआ, परन्तु आदित्य जी के मार्गदर्शन और सुझावों से यह कार्यक्रम सरलता से सम्पन्न हुआ और लगभग 2000 लोग सम्मलित हुए और पूर्ण रूप से कोविड 19 का पालन किया गया, इस अवसर पर फाउंडेशन और सत्तोलांजी की टीम ने 2000 मास्क का वितरण भी किया गया।

इस एक शाम शहीदो के नाम कार्यक्रम में शहीद भगतसिंह का परिवार,शहीद चद्रशेखर आजाद का परिवार,नेता जी सुभाषचंद्र बोष का परिवार,शहीद तात्या टोपे,अशफ़ाक़ उल्ला खां का परिवार,शहीद राजगुरु,सुखदेव का परिवार,भारतीय सेना में शहीद हुए सैनिकों के परिवारो को आमंत्रित किया जाता है। हम कुछ वर्षों के आयोजन की तस्वीरे शेयर कर रहे हैं जिससे आपको इस कार्यक्रम की भव्यतापूर्ण आयोजन की झलक मिलेगी ।

Shaheed Bhagat Singh Foundation and Society is always for the honor of the martyrs. There is always a grand program every year – “EK SHAAM SHAHEEDO KE NAAM”.

The identity of Shaheed Bhagat Singh Society and Foundation is different in East Madhya Pradesh as well as Shahdol Division. The Foundation presents the heroic story of the young revolutionaries sacrificing their lives for the heroic saga of the brave revolutionaries who laid down their lives for the attainment of independence for India, and preparing the patriotic youth for national service, social service is.

The Foundation has been organizing the biggest, thousands-of-years program of the division – “One evening in the name of the martyrs” on 23 March.

On March 23, 1931, it is celebrated as Martyr’s Day in India, because on this day the heroic sons of Bharat Mata, Shaheed Bhagat Singh, Sukhdev and Rajguru had sacrificed their lives laughing for the freedom of Mother India, and hanged them. In his memory, the Foundation undertakes this patriotic program so that the new generation of youth can realize that this freedom is not so cheap. For this freedom, millions of revolutionaries have sacrificed their lives. Had given. The program is also supported by the American institution of Scientology, the inspiration and guidance of Shri Aditya Satsangi has given this program even more grandeur.

This time the program took place at the time of Corona epidemic, but with the guidance and suggestions of Aditya ji, the program was easily completed and around 2000 people were involved and Kovid 19 was fully followed, on this occasion the Foundation and the team of Sattolanji 2000 masks were also distributed.

This one evening program in the name of the martyrs, the family of Shaheed Bhagat Singh, the family of Shaheed Chadrashekhar Azad, the family of Netaji Subhash Chandra Bosh, the family of Shaheed Tatya Tope, Ashfaq Ulla Khan, the family of Shaheed Rajguru, Sukhdev, the soldiers of the martyred soldiers in the Indian Army Families are invited. We are sharing the pictures of the event for a few years so that you will get a glimpse of the grand event of this event.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

                                       “जब 19000 फीट पर लहराया  सत्तोलॉजी  का परचम “

अमेरिका के साथ सम्बद्ध होने के बाद शहीद भगत सिंह यूथ फाउंडेशन निति प्रतिदिन नई ऊंचाइयों को छूता नजर आया।

सत्तोलॉजी के कोर्स 12 सेशन  टू सक्सेस  के माध्यम से शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन के लगभग 24 ट्रेनीज और कार्यकर्ताओं ने सत्तोलॉजी कोर्स अटेंड किया और एक प्रेरणात्मक सत्य पर आधारित तथ्यों को जानकर, श्रीमद भगवत गीता के सार को जानकर सत्तोलॉजी कोर्स की ही सुश्री शैलजा तिवारी ने 19000 फीट पर मनाली के पिंजू पर्वत के फ्रेंडशिप पीक पर जाकर सत्तोलॉजी का लोगो और श्रीमद्भगवद्गीता का प्रचार किया शैलजा तिवारी मध्य प्रदेश की पहली सत्तोलॉजिस्ट है जो सबसे कम उम्र की पर्वतारोही बनने का श्रेय हासिल किया

शहीद भगत सिंह यूथ फाउंडेशन के कोच डॉ पंकज शर्मा ने बताया कि बताया कि सत्तोलॉजी कोर्स अटेंड करने के बाद एक अलग सी प्रेरणा मिलती है और इसी प्रेरणा के आधार हमने 18 वर्ष शैलजा तिवारी को की फिजिकल ट्रेनिंग प्रारम्भ की और केवल 3 माह के अंतराल में ही शैलजा तिवारी ने 19000 फीट पर जाकर जाकर परचम लहराया ।

आपको जानकर आश्चर्य होगा की शैलजा की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है एक सामान्य किसान परिवार से हैं और सत्तोलॉजी भारत की टीम की ओर से उन्हें इस हौसले के लिए ₹50000 की नगद राशि प्रदान की गई जिससे उन्हें अपने इस सफर में आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।

                               “When the wave of SATTOLOGY waved at 19000 feet”

After associating with America, Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation was seen touching new heights every day.

About 24 trainees and activists of the Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation, through course 12 session to success, attended the Sattology course and Ms. Shailaja Tiwari of the Sattology course knowing the facts based on an inspirational truth, Srimad Bhagwat Geeta On the Friendship Peak of Pinju mountain, Manali at 19000 feet, propagated the logo of science and Srimad Bhagavadgita, Shailaja Tiwari is the first Sattologist in Madhya Pradesh who got the credit for being the youngest mountaineer.

Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation  Coach Dr. PANKAJ SHARMA told that after attending the Sattology course, there is a different motivation and on the basis of this inspiration, we started physical training of 18 years of Shailaja Tiwari and in a span of only 3 months. At the same time, Shailaja Tiwari went 19,000 feet and waved the altar.

You will be surprised to know that Shailaja’s financial condition is not very good, he is from a normal farmer family and from the team of SATTOLOGY India, he was given cash amount of ₹ 50000 for this encouragement which got him financial help in this journey. .

पर्वतारोही शैलजा तिवारी ने बताया कि वास्तव में सत्तोलॉजी के 12 सेशन आपके जीवन मे अभूतपूर्व परिवर्तन लाते हैं,और सभी को सत्तोलॉजी कोर्स के लिए प्रेरित भी किया, इस साहसिक चढ़ाई में अमेरिका की सामाजिक और शैक्षणिक संस्था, सत्तोलॉजी का भरपूर सहयोग भी मिला,चाहे वह सहयोग मनोवैज्ञानिक हो,आर्थिक हो,। सत्तोलॉजी के संस्थापक श्री आदित्य सत्संगी ने भी शैलजा के इस साहसिक और महत्वपूर्ण निर्णय की सराहना की और कहा कि वास्तव में शैलजा ने अभी 2 किलोमीटर का सफर तय कर लिया है और जल्द ही शैलजा पर्वत के उच्चतम शिखर पर पहुंचकर नाम रोशन करेगी,और अपने आने वाले समय मे एवरेस्ट विजेता बनेगी।

Mountaineer Shailaja Tiwari said that 12 sessions of Sattology actually brought unprecedented change in your life, and inspired everyone to take a Sattology course, this adventure was also supported by the American social and educational institution, Sattology.  Founder of Sattology SHRI ADITYA SATSANGI also praised this bold and important decision of Shailaja and said that in fact Shailaja has just traveled 2 kilometers and will soon reach the highest peak of Shailaja mountain, and will brighten her name Everest will be the winner in the coming time.

 

 

 

                             

 

                                  “सत्तोलॉजी की टीम पहुँची आदिवासी अंचलों में,भावुक हुए ग्रामीण”

 

इस कोरोना महामारी के दौर में जहां लॉक डाउन की स्थिति बनी है और लोग घरों में हैं वही दूसरी ओर सत्तोलॉजी भारत और शहीद भगतसिंह यूथ सोसाइटी एंड फाउंडेशन बुढ़ार की टीम अमरकंटक और विराटनगर शहडोल के आसपास के सुदूर जंगलों और अंचलों में जाकर आदिवासी जनजातियों के बीच जाकर खाद्य सामग्री,चावल, दाल,पका हुआ भोजन, कम्बल,बिस्किट,और जीवन यापन हेतु सामग्री वितरण किया गया।

                            “SATTOLOGY team reaches tribal areas, villagers get emotional”

In the era of this corona epidemic, where the situation of lock-down has taken place and people are at home, on the other hand, the team of Scientology India and Shaheed Bhagat Singh Youth Society and Foundation Budhar went to the remote forests and areas around Amarkantak and Viratnagar Shahdol among the tribal tribes. Food items, rice, lentils, cooked food, blankets, biscuits, and ingredients for living were distributed.

 

 

 

 

सत्तोलॉजी और शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन एन्ड सोसायटी की टीम ने आदिवासी अंचलों में  बैगा जनजाति में जाकर बच्चो के लिए कॉपी, किताब,पेन,पेंसिल,पहाड़े,और खाद्यय सामग्री का वितरण किया और बच्चो के साथ पूरा दिन बिताया।

The team of SATTOLOGY and Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation and Society went to the Baiga tribe in tribal areas to distribute copies, books, pens, pencils, mounds, and food items to the children and spend the whole day with the children.

 

 

सत्तोलॉजी टीम के सत्तोलॉजिस्ट और फाउंडेशन के कार्यकर्ता सनी पनिका ने दिया अपना निजी वाहन, बना दिया एम्बुलेंस और स्वयं चलाते हैं वाहन

Sattologist Sunny Panika gave her personal vehicle, made Ambulance and self-driving vehicle

 

 

 

सत्तोलॉजी टीम के सत्तोलॉजिस्ट और शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन एंड सोसाइटी के कार्यकर्ता ने इस कोरोना महामारी के काल मे खुद का निजी वाहन कोरोना मरीजो,गर्भवती महिलाओं,बच्चों और आवश्यकता आधार पर चिकित्सा हेतु वाहन चला दिया और स्वयं जान की परवाह न किये बिना ही मरीजो को हॉस्पिटल लेकर आना जाना कर रहे हैं यह वाहन निःशुल्क चलाया जा रहा है और सम्पूर्ण लॉक डाउन तक चलेगा।

Sattologist of the Sattology team and activists of the Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation and Society drove their own personal vehicle during this corona epidemic for corona patients, pregnant women, children and medical on need basis and patients regardless of their own life. We are going to bring him to the hospital, this vehicle is being run free and will run till the entire lock down.

 

 

            कोरोना महामारी के दौरान भी टीम ने चलाया समाज के लिए जागरूकता अभियान

 

कोरोना महामारी के दौरान भी सत्तोलॉजी टीम और शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन एंड सोसायटी की टीम ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन भी एक सच्चे सिपाही की तरह किया और आप के कदम पीछे नहीं हटाये। फाउंडेशन की टीम के एक एक कार्यकर्ता ने अपनी सहमति से अपना नाम और मोबाइल नंबर हेल्पलाइन के रूप में सोशल मीडिया पर दे दिया और सहायता के लिए तैयार रहे, लोगो के फ़ोन आने पर आवश्यकता अनुसार दवाइयां, फल,सब्जियां, और राशन जैसी सामाग्री को घर घर तक पहुचाया,लगभग 32 सदस्यों ने अपने नंबर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए,जिससे किसी को भी परेशानी आने पर सभी तत्तपर रह सकें।

During the Corona epidemic, the team conducted an awareness campaign for the society

Even during the Corona epidemic, the team of Sattology team and Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation and Society performed their responsibilities like a true soldier and did not step back. An activist of the Foundation’s team gave his name and mobile number on social media as a helpline with his consent and was ready to help, when needed, people received medicines, fruits, vegetables, and ration items as needed by phone. Reached door to door, about 32 members uploaded their numbers on social media, so that anyone can stay calm if anyone gets in trouble.

 

 

कोरोना महामारी से जागरूकता लाने के लिए शहीद भगतसिंह यूथ फॉउंडेशन ने धरती पर उतारा यमलोक से यमराज

फॉउंडेशन और सत्तोलॉजी की टीम ने कोरोना महामारी से जागरूकता के लिए  कार्यकर्ताओं ने बहुत ही प्रयास से यमलोक से धरती पर यमराज को उतारा मतलब यह था कि जागरूकता अभियान के तहत फाउंडेशन ने यमराज बनाया जो यमराज की वेशभूषा में फाउंडेशन के ही कार्यकर्ता था,जिसने 20 किलोमीटर के क्षेत्र में घूमकर कोरोना से लोगो को चेतावनी देता दिखायी दिया और घर मे रहने, मास्क लगाने, सेनेटाइजर का उपयोग करने और कोरोना वायरस से बचाव हेतु वैक्सीन लगवाने के प्रचार प्रसार करता रहा। जहाँ एक ओर यमराज चल रहा था वही दूसरी ओर प्रशाशन की भी टीम यमराज के साथ  लगी रही।

To bring awareness from the corona epidemic, martyr Bhagat Singh Youth Foundation launched Yamraj from Yamlok.

The team of Foundation and Sattology for the awareness of the corona epidemic, with a lot of effort, landed Yamraj on the earth from Yamlok, this meant that under the awareness campaign, the foundation created Yamraj, which was the only worker of the foundation in Yamraj’s costumes. Walking over an area of ​​kilometers, he was seen warning people from the corona and promoting home living, applying masks, using a sanitizer and getting vaccinated to protect against the corona virus. While on one side Yamraj was running, on the other side, the team of administration also remained with Yamraj.

 

 

 

                         विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर परिणाम दे रहा फाउंडेशन

 

शहीद भगतसिंह यूथ फाउंडेशन एंड सोसायटी और सत्तोलॉजी टीम मिलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी तैयार कर रही है,जहाँ एक ओर फाउंडेशन बिना किसी शासकीय सहायता के 80 से ज्यादा बच्चो को पुलिसकी नौकरी दिलाने में सहायता की ,वही फाउंडेशन के पास न तो मैदान है और न ही कोई आधुनिक खेल सामग्री या ट्रेनिंग सामग्री है फिर भी हम बिना किसी सुविधा के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं, और बिना किसी सुविधा के हम केवल हौसलों ने दम पर परिणाम दे रहे हैं।

                  Foundation giving results by preparing university and national level players

The Shaheed Bhagat Singh Youth Foundation and Society and the team of Scientology are also preparing national and international players, where on the one hand, the Foundation has helped more than 80 children to get police jobs without any government support, the Foundation has neither the ground nor Nor is there any modern sports material or training material, yet we are producing national level players without any facilities, and without any facilities, we are only giving the results on our own.

 

 

 

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